कई लोग यह शिकायत करते हैं कि वे बाहर बहुत खुश और शांत रहते हैं, लेकिन जैसे ही वे अपने घर के मुख्य दरवाजे के भीतर कदम रखते हैं, अचानक उनका स्वभाव उग्र या चिड़चिड़ा होने लगती है। घर में छोटी-छोटी बातों पर कलह का माहौल बन जाता है। इसका एक बड़ा कारण मुख्य द्वार पर तत्वों का आक्रामक होना है।
विशेषकर जब मुख्य प्रवेश द्वार पूर्व दिशा के अंतिम छोर या दक्षिण-पूर्व की तरफ झुका होता है, तो वहाँ सौर ऊर्जा और अग्नि तत्व का प्रभाव बहुत तीखा हो जाता है।
आम आदमी के लिए सरल समाधान
- चौकोर आकार का संतुलन: अपने मुख्य द्वार के मैट (पायदान) को हमेशा वर्गाकार या चौकोर (Square Shape) रखें। चौकोर आकार पृथ्वी तत्व का प्रतीक है, जो चंचल और उग्र ऊर्जा को तुरंत जमीन पर स्थिर (Grounding) कर देता है।
- रंगों का चयन: मुख्य द्वार के आसपास भूलकर भी गहरे लाल, चमकीले काले या नीले रंगों का प्रयोग न करें। यहाँ हमेशा सौम्य रंग जैसे ऑफ-व्हाइट, क्रीम या हल्का बादामी रंग करवाएं। यह आने वाली ऊर्जा को शीतल बनाता है।

