कर्ज का चक्रव्यूह और ज्योतिष: क्या कुंडली के ग्रह और घर की ऊर्जा वित्तीय संकट को प्रभावित कर सकते हैं?
प्रस्तावना: जब आर्थिक चिंता जीवन की शांति छीनने लगे "जब रातों की नींद कम होने लगे, हर बजती हुई फोन की घंटी चिंता बढ़ाने लगे और सुबह उठते ही पहला…
प्रस्तावना: जब आर्थिक चिंता जीवन की शांति छीनने लगे "जब रातों की नींद कम होने लगे, हर बजती हुई फोन की घंटी चिंता बढ़ाने लगे और सुबह उठते ही पहला…
दांत केवल भोजन चबाने का साधन नहीं हैं। भारतीय ज्योतिष में इन्हें शरीर की अस्थि-शक्ति, आयु, अनुशासन, पोषण और जीवन-ऊर्जा से भी जोड़कर देखा जाता है। बार-बार दांतों में दर्द…
पारिवारिक कलह के पीछे के ज्योतिषीय कारण - चतुर्थ व सप्तम भाव, चंद्रमा, राहु-केतु व शनि का प्रभाव - और उनके व्यावहारिक व वास्तु उपाय जानें।
T20 वर्ल्ड कप 2026 के संदर्भ में जानें खेल व प्रतिस्पर्धा से जुड़े सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांत - विजय योग, शुभ मुहूर्त व वास्तु का महत्व।
प्रसिद्ध व्यक्तियों की कुंडली में सामान्यतः कौन से ग्रह योग देखे जाते हैं, जानें प्रसिद्धि व लोकप्रियता के ज्योतिषीय पहलू।
जन्म समय की सटीकता कुंडली विश्लेषण के लिए अनिवार्य है। जानें बर्थ टाइम रेक्टिफिकेशन क्या है और यह कैसे किया जाता है।
कुंडली में द्वादश भाव विदेश यात्रा व स्थायी निवास से जुड़ा है। जानें कौन से ग्रह योग विदेश गमन के संकेत देते हैं।
कुंडली का पंचम भाव संतान सुख से जुड़ा है। जानें पंचम भाव व पंचमेश की स्थिति के ज्योतिषीय संकेत।
कुंडली में द्वितीय व एकादश भाव धन व आय से जुड़े हैं। जानें ऋण व वित्तीय स्थिरता के ज्योतिषीय संकेत।
कुंडली का षष्ठ भाव स्वास्थ्य व रोगों से जुड़ा माना जाता है। जानें कौन से ग्रह योग स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत देते हैं।
करियर चुनने में ज्योतिष का दशम भाव कैसे मदद करता है, जानें ग्रहों के अनुसार उपयुक्त पेशों के संकेत।
व्यापार में सफलता के लिए कुंडली में कौन से ग्रह योग देखे जाते हैं, जानें दशम व सप्तम भाव का महत्व।
ज्योतिष में चतुर्थ भाव संपत्ति, भूमि व घर से जुड़ा माना जाता है। जानें कौन से ग्रह योग संपत्ति लाभ के संकेत देते हैं।
कुंडली मिलान में 36 गुणों वाली अष्टकूट पद्धति क्या है और विवाह से पहले इसे क्यों देखा जाता है, जानें।
विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले विद्यार्थियों हेतु वास्तु सुझाव - स्टडी रूम, दस्तावेज व एकाग्रता बढ़ाने के उपाय जानें।
वीज़ा इंटरव्यू से पहले अपनाएं ये सरल वास्तु उपाय - आत्मविश्वास व सफलता की संभावना बढ़ाने के लिए दिशा व दस्तावेज व्यवस्था के सुझाव।
बच्चों के कमरे का वास्तु उनके स्वास्थ्य, नींद व पढ़ाई पर कैसे असर डालता है - कमरे व स्टडी टेबल की सही दिशा जानें।
घर के वास्तु दोष का मानसिक तनाव पर क्या प्रभाव पड़ता है - अव्यवस्था, बंद खिड़कियां व दिशा दोष के मानसिक स्वास्थ्य पर असर।
नए स्टार्टअप व व्यवसाय के लिए वास्तु मार्गदर्शन - फाउंडर केबिन, टीम बैठक व निवेशक मीटिंग रूम की सही दिशा जानें।
फैक्ट्री व मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए वास्तु टिप्स - मशीनरी, कच्चा माल, स्टोरेज व बॉयलर की सही दिशा जानें उत्पादन बढ़ाने हेतु।
पुरानी या रीसेल प्रॉपर्टी खरीदने से पहले वास्तु अनुसार कौन-सी सावधानियां बरतें - कानूनी इतिहास, संरचनात्मक बदलाव और मरम्मत की जांच।
फ्लैट या अपार्टमेंट खरीदते समय वास्तु अनुसार किन बातों की जांच करनी चाहिए - दिशा, आकार व रोशनी से जुड़े जरूरी सुझाव।
विदेश जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए वास्तु टिप्स - उत्तर-पश्चिम दिशा, पासपोर्ट रखने का स्थान और स्टडी रूम की सही दिशा जानें।
घर के वास्तु दोष का स्वास्थ्य पर प्रभाव - बेडरूम, किचन व शौचालय की सही दिशा जानें और बार-बार बीमार पड़ने के वास्तु कारण समझें।
व्यापार व ऑफिस में वृद्धि के लिए वास्तु टिप्स - मालिक की केबिन, रिसेप्शन, वित्त विभाग व कर्मचारियों की बैठक व्यवस्था की सही दिशा।
प्लॉट या प्रॉपर्टी खरीदने से पहले वास्तु अनुसार आकार, दिशा, ढलान, मिट्टी और आसपास के वातावरण की जांच कैसे करें - जानें पूरी जानकारी।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार बारहवें घर से पैर, बांयां नेत्र, चुगलखोरी, सीक्रेट प्लान, हॉस्पिटल, एकांत, मोक्ष, एसाइलम ,शयन सुख, गुप्त सम्बन्ध, जेल आदि का विचार किया जाता है | ये…
मृत्यु और कैसे होगी ? लग्नेश और नवांश से-- ज्योतिष में जीवन अवधि का विचार सामान्यतः अष्टम भाव से किया जाता है। इसके साथ ही अष्टमेश, कारक शनि, लग्न-लग्नेश, राशि-राशीश,…
राहु कूटनीति का सबसे बडा ग्रह है,राहु जहां बैठता है शरीर के ऊपरी भाग को अपनी गंदगी से भर देता है यानी दिमाग को खराब करने में अपनी पूरी पूरी…
वक्री शनि 17 june 2023 शनि ग्रह कुंभ राशि में कई महीनो के लिए वक्री हो जायेगे तो जिनकी कुंडली में पहले से शनि वक्री हैं जिनकी शनि ग्रह की…
मेरे से बहुत से लोग जुड़े हुए हैं जिनका कई बार यह प्रश्न होता है कि हमने वाहन खरीदना है तो उसके लिए शुभ मुहूर्त क्या होगा। तो आज इसी…
सनातन धर्म में स्वास्तिक का बहुत बड़ा महत्व है. सनातनी लोग किसी भी शुभ कार्य को आरंभ करने से पहले स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर उसकी पूजा करते हैं. मान्यता है…
इस बार सावन एक नहीं बल्कि दो चरणों में मनाया जाएगा. इस बार सावन पहले 13 दिन यानी 4 जुलाई 2023 से 17 जुलाई 2023 तक चलेगा. इसके बाद 18…
सिद्धि ,साधना और सिद्ध साधक में क्या अंतर है ? हमारा यह लेख अनेक मिथक तोड़ने वाला है ,आपके भ्रम को मिटाने वाला है ,इसे बहुत गंभीरता से देखें और…
विहंगमः पक्षद्वयेन भूषितः,उड्डीयते व्योम्नि सूखेच्छ्या यथा । तथा गृहस्थस्य गृहस्य शोभा प्रजायते यत्र द्वयो अस्ति सौहृदः ॥ अर्थात् जिस प्रकार पक्षी अपने दो पंखों के मेल से भूषित होने पर…
भीष्म चुप रहे कुछ क्षण बाद बोले," पुत्र युधिष्ठिर का राज्याभिषेक करा चुके केशव ... ? उनका ध्यान रखना परिवार के बुजुर्गों से रिक्त हो चुके राजप्रासाद में उन्हें अब…
जन्मकुंडली में ग्रहों के अशुभ प्रभाव के कारण किसी जातक के विवाह में देरी अथवा बाधा आ सकती है। कई बार बहुत प्रयासों के बाद भी विवाह योग नहीं बन…
क्या आपने कभी किसी बंदर को कुत्ते, बिल्ली, चूहे, गाय आदि की तरह मरा हुआ देखा है? क्या आपने इसे कभी डिस्कवरी चैनल पर देखा है? यह सच है कि…
अश्व योनि : जिस व्यक्ति का जन्म अश्व योनि में होता है,वह व्यक्ति स्वेच्छाचारी अर्थात अपने मन के अनुसार चलने वाला होता है। वह व्यक्ति किसी और का कहा नहीं…
साधक को ध्यान करने से पूर्व इस स्तुति का पाठ करने से कुंडलिनी जाग्रत और उर्ध्व गमन होने में फायदा मिलता है । कुंडलिनी स्तोत्र और अनुवाद नीचे दिए गए…
योनि पूजा क्यों और किसलिए:- अघोर के पञ्च स्तम्भ जिनमे से एक मैथुन है और जिसमे भी चार भाग लिंग योनि वीर्य और रज है। इस पुरे ब्रह्माण्ड और सृष्टी…
हर व्यक्ति के नाखुनों का शेष अलग-अलग होता है। किसी के नाखून चौड़े होते हैं तो किसी के गोलाकार। हस्तरेखा ज्योतिष के अनुसार नाखूनों के शेप के आधार पर भी…
अणिमा महिमा चैव लघिमा गरिमा तथा । प्राप्तिः प्राकाम्यमीशित्वं वशित्वं चाष्ट सिद्धयः ।। अर्थ - अणिमा , महिमा, लघिमा, गरिमा तथा प्राप्ति प्राकाम्य इशित्व और वशित्व ये सिद्धियां "अष्टसिद्धि" कहलाती…
सूर्य ग्रहण तिथि पहला ग्रहण: 20 अप्रैल 2023, गुरुवार समय: प्रातः 07: 04 बजे से दोपहर 12:29 मिनट तक दूसरा ग्रहण: 14 अक्टूबर 2023, शनिवार समय: 14 अक्टूबर रात्रि 08:…
कर्म क्या है... आइये जाने कर्मों को एक वर्गीकरण के अनुसार तीन प्रकार का बताया गया है। ये तीन प्रकार है--1. कायिककायिक कर्म उन कर्मों को कहा जाता है जो काया या शरीर…
“ॐ ऋण-मुक्तेश्वर महादेवाय नमः”“ॐ मंगलमूर्तये नमः।”ॐ गं ऋणहर्तायै नमः।”इनमे से किसी भी मन्त्र के नित्य कम से कम एक मालाके जप से व्यक्ति को अति शीघ्र कर्जे से मुक्तिमिलती है…
2021 में करवा चौथ का पर्व 24 अक्टूबर, रविवार को पड़ रहा है। ये दिन सुहागन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन संकष्टी चतुर्थी भी होती है…
ज्योतिष में सबसे खतरनाक गृह होता है केतु-ज्यादातर ज्योतिषी इस गृह को नजरअंदाज करते हे। जिस भाव में बैठ जाए उस भाव के फलो से जातक को दूर कर देता…
कर्ज के योग-ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह को कर्ज का कारक ग्रह माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार मंगलवार को कर्ज लेना निषेध माना गया है। वहीं बुधवार को…
"तेल लगाने सबंधित कुछ बातेंतैलाभ्यने रवौ ताप: सोमे शोभा कुजे मृतिः ।बुधे धनं गुरौ हानिः शुक्रे दुःखं शनौ सुखम् ॥रवी पुष्पं गुरौ दूर्वाभौमवारे तु मृत्तिका ।गोमयं शुक्रवारे च तैलाभ्यने न दोपभाक् ॥ सार्षपं गन्धतैलं…
जप के प्रकार और कौन से जप से क्या होता जप के अनेक प्रकार हैं। उन सबको समझ लें तो एक जपयोग में ही सब साधन आ जाते हैं। परमार्थ साधन…
स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के लिए ये वास्तु दोष जिम्मेदार! बीमारी से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यानमनुष्य के स्वास्थ्य पर भी वास्तु का प्रभाव पड़ता है. कई बार…
दिवाली का पर्व पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष के अमावस्या तिथि को मनाया जाता है. वर्ष 2021 में कार्तिक अमावस्या की तिथि 04 नवंबर, गुरुवार को है.…
2021 नरक चतुर्दशी / काली चौदस सनातन धर्म में सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करने की परंपरा है. जिसके बाद चन्दन का उबटन एवं तिल के तेल काे शरीर पर लगाया…
2021- धनतेरस, जानिए पूजन का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधिप्रत्येक वर्ष दिवाली से एक दिन पहले धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। हिंदी पंचांग के अनुसार कार्तिक मास में…
काशी की जागृत सिद्ध #देवी #शक्तिपीठ “महायोगिनी तारा देवी” सिद्धपीठ मंदिर: जहाँ रानी भवानी की बेटी तारा सुंदरी ने जिन्दा ही भू समाधि ले ली थीकाशी सिर्फ शिव से ही…
काशी में शिव लिंग पर बेल पत्र चढ़ाने का महत्व !बेल पत्र का महत्व बेल तथा श्रीफल नाम से प्रसिद्ध यह फल बहुत ही काम का है। यह जिस पेड़…
यह यंत्र ऋण से छुटकारा पाने का यंत्र है मंगलवार को सुबह बनाया जाता है .ऋण और धन की समस्या दूर हो जाती है .केसर कस्तूरी गौरौचन से बनाया जाता…
शुक्र से बनने वाले योग-जिसके विश्लेषण से यह पता चलता है कि ग्रह के प्रभाव के अनुरूप वातावरण का निर्माण होता है कि इन प्रतियोगिताओं में खुद को आजमाने वाली…
कैसे जाने अपने कुल देवी देवता को कौन हैं आपके कुलदेवता /देवी होली दीपावली व दशहरे पर विशेष रूप से अपनी परंपरा अनुसार इनका पूजन भोग आदि देकर आशीर्वाद प्राप्त करे।आज के…
शुक्र को बलवान करने के चमत्कारिक उपाय...यदि आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर है या शुक्र पर राहु की युति या दृष्टि है, तो मान लीजिए कि आप कितनी भी…
वास्तु सिद्धांतों की पालना से मधुमेह रोग उपचार वास्तु शास्त्र जीवन में पंच महाभूतो को संतुलित कर सुखमय जीवन जीने की एक विधा है | वास्तु के सिद्धांतो को दैनिक जीवन…
अगामी 11 अक्टूबर 2021 को शनि देव होने जा रहे मार्गी। पांच राशियों के आएंगे अच्छे दिनन्याय के देवता कहे जाने वाले शनि देव मार्गी होने जा रहे हैं, शनि…
घर में चीटियां निकल रही है तो जानिए शुभ और अशुभ संकेतअगर घर में चींटियां निकल रही हैं तो यह आपके जीवन में होने वाली किसी बात को लेकर संकेत…
नवदुर्गा: नौ रूपों में स्त्री जीवन का पूर्ण बिम्ब एक स्त्री के पूरे जीवनचक्र का बिम्ब है नवदुर्गा के नौ स्वरूप1. जन्म ग्रहण करती हुई कन्या "शैलपुत्री" स्वरूप है2. कौमार्य…
हिंदू धर्म में कुछ पौधों को बहुत ही शुभ माना गया है. इनमें तुलसी का पौधा भी एक है. हिंदू धर्म में तुलसी का विशेष महत्व है. तुलसी का पौधा…
शारदीय नवरात्रि घट (कलश) स्थापना मुहूर्त एवं पूजाविधि प्रतिवर्ष की भांति इसवर्ष भी हिंदुओ के प्रमुख त्योहारो में से एक शारदीय नवरात्रि आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाएगा।…
घट स्थापना एवं दुर्गा पूजन की सामग्रीजौ बोने के लिए मिट्टी का पात्र। यह वेदी कहलाती है। जौ बोने के लिए शुद्ध साफ़ की हुई मिटटी जिसमे कंकर आदि ना हो। पात्र…
कुंडली मे कमजोर बुध से उत्पन्न परेशानियां एवं निवारणज्योतिषशास्त्र में बुध अपनी बड़ी महत्वपूर्णभूमिका निभाता है और हमारे जीवन के बहुत विशेष घटकों को नियंत्रित करता है। बुध का रंग…
कुछ लोग हाथ में तांबे, पीतल या चांदी का कड़ा पहनते हैं। तांबा सूर्य ग्रह को, पीतल बृहस्पति ग्रह को और चांदी चंद्र ग्रह को बलवान करता है। हालांकि किसी…
भद्रा भगवान सूर्यदेव की पुत्री और शनिदेव की बहन है।शनि की तरह ही इनका स्वभाव भी क्रूर बतायागया है। इस उग्र स्वभाव को नियंत्रित करनेके निए ही भगवान ब्रह्मा ने उसे…
भारतीय वैदिक ज्योतिष में राहु को मायावी ग्रह के नाम से भी जाना जाता है तथा मुख्य रूप से राहु मायावी विद्याओं तथा मायावी शक्तियों के ही कारक माने जाते…
नवरात्रि में घटस्थापना अथवा कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है. ये नवरात्रि का पहला दिन होता है. प्रतिपदा तिथि को शुभ मुहुर्त में पूरे विधि-विधान के साथ घट स्थापना…
इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चे जीवन भर परेशानियों में उलझें रहते है, इस उपाय से मिलती हैं शांतिकहा जाता हैं कि कोई बच्चा जब जन्म लेता हैं, और…
स्वास्थ्य के अनुसार रक्षा सूत्र बांधने से कई बीमारियां दूर होती है।जिसमें कफ,पित्त आदि शामिल है। शरीर की संरचना का प्रमुख नियंत्रण हाथ की कलाई में होता है।अतःयहां रक्षा सूत्र…
आधुनिक चिकित्सा विज्ञान किस तरह ज्योतिष एवं प्राचीन धर्म ग्रंथों से नक़ल कर नित नये चिकित्सकीय अन्वेषण करता है, मैं इसका एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा हूँ. आधुनिक रसायन विज्ञान के…
मंदिर में प्रवेश नंगे पैर ही करना पड़ता है, यह नियम दुनिया के हर हिंदू मंदिर में है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण यह है कि मंदिर की फर्शों का निर्माण…