जब ध्यान साधना के दौरान आपको निम्न लक्षण नज़र आने लगे।।।
1) जब आपको दिव्य दर्शन, सुगन्ध, स्वाद, श्रवण और किसी के आपको छूने की अनुभुति हो ।
2) जब आपको परमात्मा की तरफ से सन्देश मिलने लगे ।
3) जब मूलाधार चक्र मे स्पंदन होने लगे ।
4) जब आपके रौंगटे खड़े होने लगे ।
5) जब गहन साधना के दौरान आपकी श्वास चलते चलते रूक जाये ।
6) जब आपको अपनी रीढ की हड्डी मे नीचे से ऊपर तक सिरहन होने लगे ।
7) जब आप अकारण ही आनंदित रहने लगे ।
8) जब स्वतः ही आपके मुख से ओम का उच्चारण होने लगे ।
9) जब आपकी आँखे भूमध्य मे थिर होकर शाम्भवी मुद्रा लगने लगे
10) जब आपको शरीर के विभिन्न भागो मे विधुत के झटके लगने की अनुभूति होने लगे ।
11) जब ध्यान के दौरान आपकी बंद पलके जोर लगाने पर भी ना खुले ।
12) जब सभी संदेह दूर हो जाये और आपको सभी अध्यात्मिक ग्रंथों का मर्म समझ आने लगे ।
13) जब ध्यान के दौरान आपको अपना शरीर हवा से भी हल्का महसूस होने लगे ।
14) जब संकट काल व मुसीबत के समय मे भी आपका मन व्यग्र या विचलित ना हो ।
15) जब आप किसी भी कठिन कार्य को बिना थके घंटो तक करते चले जाये ।
16) जब आपको हर समय एक खुमारी या नशे जैसी स्थिति रहने लगे और होश भी पुरा रहे ।
17) जब आप की कही बाते सत्य सिद्ध होने लगे ।
तब जाने की आप की सोई शक्ती जाग रही है ।
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