वास्तु शास्त्र सीखना चाहते हैं? वास्तु विद् सुनील कुमार आर्यन के 20+ वर्षों के अनुभव पर आधारित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरुआती स्तर से लेकर उन्नत विशेषज्ञता तक 12 क्रमिक स्तरों (Levels) में बांटा गया है, साथ ही 4 विशेष (specialization) कोर्स भी उपलब्ध हैं। हर कोर्स पारंपरिक वास्तु सिद्धांतों और पंचमहाभूत के अंतर्संबंध पर आधारित है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह कोर्स किसके लिए है?
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हर उस व्यक्ति के लिए है जो वास्तु शास्त्र को गंभीरता से सीखना चाहता है — चाहे वह अपने घर/दुकान/फैक्ट्री के लिए स्वयं वास्तु समझना चाहता हो, या आगे चलकर पेशेवर वास्तु सलाहकार बनना चाहता हो।
क्या मुझे पहले से वास्तु का ज्ञान होना जरूरी है?
नहीं। Level 1 से शुरुआत पूरी तरह शुरुआती व्यक्ति के लिए बनाई गई है। जैसे-जैसे आप अगले स्तरों में आगे बढ़ते हैं, ज्ञान और गहराई क्रमिक रूप से बढ़ती जाती है।
कोर्स कैसे और कहां होता है?
कोर्स की उपलब्धता (ऑनलाइन/ऑफलाइन), समय-सारणी और अन्य विवरण के लिए कृपया WhatsApp पर सीधे संपर्क करें।
फीस और भुगतान की जानकारी कैसे मिलेगी?
हर लेवल/कोर्स की फीस अलग-अलग है। जिस कोर्स में रुचि हो, उस पेज पर दिए “अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें” लिंक से WhatsApp पर संपर्क करें।
मैं किस लेवल से शुरू करूं?
यदि आप बिल्कुल नए हैं तो Level 1 से शुरुआत करना उचित रहेगा। पहले से अनुभव होने पर WhatsApp पर संपर्क करके उचित स्तर तय किया जा सकता है।
12 लेवल कोर्स
विशेष (Specialization) कोर्स
यह चारों कोर्स पारंपरिक शास्त्रों और पंचमहाभूत (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) के परस्पर संबंध के सिद्धांत पर आधारित हैं — आयुर्वेद (शरीर के तत्वों का संतुलन), हस्त मुद्रा (उंगलियों से तत्वों का नियंत्रण), अरोमा (सुगंध से ऊर्जा शोधन) और खाद्य चिकित्सा (आहार से तत्वों का संतुलन)।
जल्द आ रहे हैं
नए विशेष कोर्स जल्द जोड़े जाएंगे — अपडेट के लिए जुड़े रहें।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
वास्तु विद् सुनील कुमार आर्यन | +91 90500 90511 | www.vastuclass.in
















