मॉल और शोरूम जैसे बड़े व्यावसायिक स्थानों में ग्राहकों की आवाजाही सीधे मुनाफे से जुड़ी होती है। वास्तु के सही सिद्धांत अपनाकर ग्राहकों के अनुभव और स्थान की ऊर्जा दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।
प्रवेश द्वार व पार्किंग
मुख्य प्रवेश द्वार उत्तर या पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है, इससे ग्राहकों का प्रवाह स्वाभाविक रूप से बढ़ता है। पार्किंग क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना उचित रहता है, जिससे आवाजाही सुगम रहे।
डिस्प्ले व उत्पाद प्लेसमेंट
सबसे आकर्षक व बिकने वाले उत्पाद पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में प्रदर्शित करें, यह दिशा रोशनी व सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी मानी जाती है। ट्रायल रूम व स्टोरेज पश्चिम दिशा में रखना बेहतर रहता है।
बिलिंग काउंटर व बैकएंड
बिलिंग व कैश काउंटर उत्तर दिशा में रखें। बैकएंड ऑफिस व स्टाफ केबिन दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना प्रबंधन के लिए लाभकारी माना जाता है।
रोशनी व खुलापन
पूरे स्टोर में पर्याप्त रोशनी और खुला वॉक-स्पेस रखें, केंद्र भाग (ब्रह्मस्थान) को कभी भी भारी रैक या पिलर से न भरें। इससे ग्राहक सहज महसूस करते हैं और अधिक समय स्टोर में बिताते हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें
- प्रवेश द्वार बड़ा व स्पष्ट दिखने वाला हो
- दर्पण या शीशे का अत्यधिक व असंतुलित प्रयोग न करें
- इलेक्ट्रिकल पैनल व जनरेटर दक्षिण-पूर्व दिशा में रखें
इन उपायों से मॉल व शोरूम में ग्राहकों का अनुभव बेहतर होता है, जिससे बिक्री और ब्रांड की छवि दोनों को फायदा मिलता है।
वास्तु विद् सुनील कुमार आर्यन
इंडस्ट्रियल वास्तु सलाहकार एवं ट्रेनर
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