वृत्त, त्रिकोण और सत्ता का धर्म (भाग 3)
सत्य, अहिंसा और राजधर्म की दृष्टि से संसद की ज्यामिति — और वह सवाल जो आकृति से बड़ा है: उसके केंद्र में क्या है? भाग 3।
सत्य, अहिंसा और राजधर्म की दृष्टि से संसद की ज्यामिति — और वह सवाल जो आकृति से बड़ा है: उसके केंद्र में क्या है? भाग 3।
यदि प्रेरणा श्रीयंत्र है, तो दूसरा त्रिकोण कहाँ है? धूप, हवा, आवाज़ और ब्रह्मस्थान की दृष्टि से गोल और कोण वाली संसद की तुलना। भाग 2।
दोनों संसद भवन त्रिकोणीय ज़मीन पर बने हैं — बेकर ने वृत्त चुना, पटेल ने त्रिकोण। और “कोने काट दिए” वाले तर्क में एक गणितीय ग़लती है। भाग 1।
ब्रह्मसूत्र • यमसूत्र • कर्णसूत्र • जीवनसूत्र • मृत्युसूत्र • नाड़ी • वंश • रज्जु • मर्म • अतिमर्म विशेष गहन अध्ययन • लगभग 4,700 शब्द • हल्का टेक्स्ट संस्करण…
⚠️ चिकित्सा एवं शास्त्रीय सीमा-सूचना: यह लेख आयुर्वेद, पंचमहाभूत, वास्तु और आधुनिक भवन-पर्यावरण के बीच एक तुलनात्मक शैक्षिक अध्ययन है। इसका उद्देश्य किसी रोग का निदान या उपचार बताना नहीं…
वास्तुपुरुष मंडल केवल दिशाओं पर रंग भरने वाला चार्ट नहीं, बल्कि भूमि को मापने, वर्गीकृत करने, अनुपात निर्धारित करने और निर्माण के संवेदनशील स्थान पहचानने की पारंपरिक स्थापत्य-पद्धति है। इसके…
इंडस्ट्रियल वास्तु केवल यह बताने तक सीमित नहीं है कि कौन-सी मशीन किस दिशा में रखी जाए। यह प्लॉट, मुख्य प्रवेश, मशीनरी भार, उत्पादन प्रवाह, अग्नि एवं विद्युत व्यवस्था, कच्चे…
वास्तु शास्त्र की सबसे गहरी और सबसे कम समझी जाने वाली अवधारणाओं में से एक है — वास्तु पुरुष मंडल और उसके 45 देवता। ज्यादातर वास्तु सलाह “किचन दक्षिण-पूर्व में…
भाग–1: मोबाइल से घर, प्लॉट, दुकान या फैक्ट्री की सही दिशा कैसे जाँचें? अध्याय–1: दिशा क्यों सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण है? प्रस्तावना यदि किसी वास्तु विशेषज्ञ से पूछा…
प्रकृति के पांचों तत्व—जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी और आकाश—केवल रंगों से नहीं, बल्कि अपने विशिष्ट आकारों (Shapes) और ज्यामिति से भी संचालित होते हैं। हमारे घर में रखी हर वस्तु…