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लोगों से मिलते ही शरीर भारी हो जाता है या चेहरा बैठ जाता है? वास्तु से बनाएं अपना अभेद्य रक्षा कवच!

क्या आपके साथ ऐसा होता है कि किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने के बाद या किसी के काम का विश्लेषण करने के बाद अचानक आपका शरीर भारी हो जाता है, चेहरे का तेज कम हो जाता है या बिना वजह थकान होने लगती है? इसे ऊर्जा विज्ञान में ‘नकारात्मक ऊर्जा का आघात’ या संवेदनशील आभामंडल (Sensitive Aura) का प्रभावित होना कहते हैं।

जब भवन का दक्षिण-पश्चिम (South-West) और उत्तर-पश्चिम (North-West) कोना कमजोर होता है, तो व्यक्ति का सुरक्षा कवच टूट जाता है और वह दूसरों की ईर्ष्या व नकारात्मक तरंगों को तुरंत सोख लेता है। वास्तु मंडल में ‘भृंगराज’ (SW) और ‘नाग’ (NW) पद हमारे जीवन में फिल्टर और शील्ड का काम करते हैं।

आम आदमी के लिए सरल समाधान

  • सेंधा नमक का फिल्टर: अपने घर और कार्यस्थल के दक्षिण-पश्चिम (South-West) कोने में एक कांच की कटोरी में खड़ा समुद्री नमक या सेंधा नमक (Rock Salt) भरकर रखें। यह नमक हवा में तैरती नकारात्मक तरंगों को आपके शरीर तक पहुंचने से पहले ही सोख लेता है। इसे हर हफ्ते बदलते रहें।
  • सुगंध चिकित्सा (Aroma Therapy): अपने कमरे और प्रवेश द्वार पर नियमित रूप से चंदन (Sandalwood) या चमेली के प्राकृतिक अर्क या डिफ्यूज़र का प्रयोग करें। सुगंध नकारात्मक स्पंदनों को शांत करने और सुरक्षा कवच को मजबूत करने का सबसे तेज माध्यम है।
वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन
✍️ लेखक परिचय
वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन
संस्थापक, VASTU CLASS
आवासीय एवं औद्योगिक वास्तु विशेषज्ञ, प्रशिक्षक एवं वास्तु तकनीक शोधकर्ता
लेखक का परिचय

वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन

संस्थापक — VASTU CLASS एवं श्री नवग्रह वाटिका, पानीपत। आवासीय एवं औद्योगिक वास्तु विशेषज्ञ, प्रशिक्षक एवं वास्तु तकनीक शोधकर्ता।

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