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23 अगस्त 2026 आज का राशिफल | सभी 12 राशियों का भविष्यफल

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जानिए रविवार, 23 अगस्त 2026 को सभी 12 राशियों के लिए प्रेम, करियर, स्वास्थ्य और धन से जुड़ा संक्षिप्त राशिफल।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय मार्गदर्शन है, सटीक भविष्यवाणी नहीं – कृपया इसे जीवन के किसी भी बड़े निर्णय का एकमात्र आधार न बनाएं।

मेष

नवम भाव का चंद्रमा भाग्य एवं धर्म की ओर मन मोड़ेगा और आज पुत्रदा एकादशी होने से व्रत-उपवास का विशेष महत्व है। कार्यक्षेत्र में भागदौड़ अधिक रहेगी, परिणाम धीरे मिलेगा। दोपहर 03:11 बजे से भद्रा आरंभ हो रही है – शुभ कार्य उससे पूर्व निपटा लें। रविवार होने से सूर्य उपासना बल देगी। सिर एवं नेत्र से जुड़ी शिकायत पर ध्यान दें।

वृषभ

अष्टम भाव का चंद्रमा मन को अस्थिर कर सकता है और अनिर्णय की स्थिति बनेगी, इसलिए आज कोई बड़ा निर्णय टाल दें। कार्यक्षेत्र में वाद-विवाद से बचें, मौन ही श्रेष्ठ उपाय रहेगा। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। दोपहर बाद भद्रा रहने से कोई नया कार्य आरंभ न करें। एकादशी का व्रत मन को स्थिरता देगा। गले का ध्यान रखें।

मिथुन

सप्तम भाव का चंद्रमा साझेदारी एवं संबंधों को केंद्र में लाएगा। किसी पुराने व्यावसायिक भागीदार से बातचीत आगे बढ़ेगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। महत्वपूर्ण कार्य दोपहर 03:11 से पूर्व अथवा अभिजित मुहूर्त (प्रातः 11:57 से 12:49) में करें। धन आगमन ठीक रहेगा। नींद पूरी लें।

कर्क

षष्ठ भाव का चंद्रमा प्रतिस्पर्धा में बढ़त देगा और विरोधी निष्प्रभावी रहेंगे। नौकरी में लंबे समय से चली आ रही अड़चन दूर हो सकती है। अटका हुआ धन अथवा पुराना बकाया मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य में सुधार अनुभव होगा। एकादशी का व्रत रखने वाले जातक फलाहार में संयम रखें। माता का आशीर्वाद लेकर दिन आरंभ करें।

सिंह

पंचम भाव का चंद्रमा संतान, शिक्षा एवं रचनात्मकता को आगे लाएगा। रविवार सूर्य का दिन होने से आपके राशि स्वामी का बल मिलेगा और नेतृत्व क्षमता निखरेगी। कार्यस्थल पर आपकी बात को महत्व मिलेगा। चंद्रबल कमजोर होने से धन के मामले में जोखिम न लें। संतान पक्ष से शुभ समाचार संभव है। पेट एवं पाचन का ध्यान रखें।

कन्या

चतुर्थ भाव का चंद्रमा मन को घर-परिवार की ओर मोड़ेगा, परंतु चंद्रबल कमजोर होने से छोटी बातों पर मन खिन्न हो सकता है। संपत्ति अथवा मकान से जुड़ा विषय चर्चा में आएगा – दस्तावेज ध्यान से पढ़ें। कार्यक्षेत्र में अनावश्यक वाद-विवाद से बचें। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। एकादशी पर विष्णु पूजन शुभ रहेगा।

तुला

तृतीय भाव का चंद्रमा साहस, संपर्क और पहल शक्ति को बल देगा। रुके हुए कार्य आज गति पकड़ेंगे। भाई-बहनों तथा निकट सहयोगियों से सहयोग मिलेगा और किसी पुराने मतभेद का समाधान निकलेगा। छोटी यात्रा लाभदायक सिद्ध होगी। कला एवं डिजाइन से जुड़े जातकों को सराहना मिलेगी। कंधे एवं कमर का ध्यान रखें।

वृश्चिक

द्वितीय भाव का चंद्रमा धन, वाणी एवं कुटुंब से जुड़े विषय सामने लाएगा। आय के नए स्रोत पर चर्चा संभव है, परंतु चंद्रबल कमजोर रहने से आज अंतिम निर्णय टालें। वाणी में संयम रखें। दोपहर बाद भद्रा रहने से कोई शुभ कार्य आरंभ न करें। भोजन में अनियमितता से बचें। कार्यक्षेत्र में उधार के लेन-देन से दूर रहें।

धनु

चंद्रमा आज आपकी ही राशि में गोचर कर रहा है और सायं 05:44 तक मूल, तत्पश्चात पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा – आत्मविश्वास एवं निर्णय क्षमता प्रबल रहेगी। पुत्रदा एकादशी का व्रत आपके लिए विशेष फलदायी रहेगा। यात्रा, उच्च शिक्षा एवं धर्म-कर्म से जुड़े मामलों में शुभ समाचार मिलेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी संभव है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

मकर

द्वादश भाव का चंद्रमा व्यय एवं मानसिक थकान बढ़ा सकता है, इसलिए आज विश्राम, ध्यान और एकांत को समय दें। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक और परिणाम धीमा प्रतीत होगा, परंतु निराश न हों। अनावश्यक खर्च तथा उधार देने से बचें। एकादशी का व्रत एवं दान आज विशेष पुण्यदायी रहेगा। घुटनों एवं जोड़ों का ध्यान रखें।

कुम्भ

एकादश भाव का चंद्रमा लाभ स्थान में होने से आय एवं संपर्कों में वृद्धि के योग हैं। मित्रों तथा वरिष्ठ लोगों का सहयोग मिलेगा और कोई पुरानी अटकी राशि प्राप्त हो सकती है। सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में सहभागिता बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी उपस्थिति प्रभावी रहेगी। सायं 05:15 से 06:52 के राहुकाल में यात्रा टालें।

मीन

दशम भाव का चंद्रमा कर्मक्षेत्र को बल देगा – कार्यस्थल पर आपकी मेहनत को मान्यता मिलेगी। सरकारी अथवा प्रशासनिक कार्यों में अनुकूलता है, आवेदन अथवा प्रस्तुति अभिजित मुहूर्त में करें। पिता एवं गुरुजनों का सहयोग मिलेगा। पुत्रदा एकादशी का व्रत आपके लिए मानसिक शांति लाएगा। धन की स्थिति संतुलित रहेगी। पैरों की तकलीफ पर ध्यान दें।

वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन
✍️ लेखक परिचय
वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन
संस्थापक, VASTU CLASS
आवासीय एवं औद्योगिक वास्तु विशेषज्ञ, प्रशिक्षक एवं वास्तु तकनीक शोधकर्ता
लेखक का परिचय

वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन

संस्थापक — VASTU CLASS एवं श्री नवग्रह वाटिका, पानीपत। आवासीय एवं औद्योगिक वास्तु विशेषज्ञ, प्रशिक्षक एवं वास्तु तकनीक शोधकर्ता।

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