आज के डिजिटल युग में कई पेशेवरों और व्यापारियों का काम विदेशों से या दूर-दराज के क्लाइंट्स से जुड़ा होता है। लेकिन कई बार एक अच्छा-खासा चलता हुआ विदेशी संपर्क (Foreign Communication) अचानक टूट जाता है या नए प्रोजेक्ट्स मिलना बिल्कुल बंद हो जाते हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाहरी दुनिया, बैंकिंग, सपोर्ट और विदेशी संबंधों का सीधा नियंत्रण उत्तर-पश्चिम दिशा (वायव्य कोण) के पास होता है। यहाँ का मूल तत्व वायु (Air) है, जिसका धर्म ही गतिशीलता और संचार है। यदि यहाँ ऊर्जा ‘जड़’ (Stagnant) हो जाए या अग्नि तत्व आ जाए, तो कम्यूनिकेशन पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है।
आम आदमी के लिए सरल समाधान
- वायु की गति बढ़ाएं: इस कोने में वायु का प्रवाह बहुत अच्छा होना चाहिए। यहाँ एक छोटा सा पंखा या एयर प्यूरीफायर चलाकर रखें ताकि हवा कभी स्थिर न हो।
- सकारात्मक कलाकृति: उत्तर-पश्चिम की दीवार पर सफेद या हल्के सलेटी रंग के फ्रेम में उड़ते हुए पक्षियों या दौड़ते हुए सफेद घोड़ों का चित्र लगाएं। यह गतिशीलता का प्रतीक है और अटके हुए विदेशी अवसरों को दोबारा चालू कर देता है।
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