हर पेशेवर का यह सपना होता है कि उसे अपने काम के लिए ऐसे क्लाइंट्स मिलें जो उसकी विद्या का सही मूल्य समझें और ‘मोटा पैसा’ सहर्ष देने की क्षमता रखते हों। यदि आपके पास केवल छोटे-छोटे काम आ रहे हैं और बड़े कॉरपोरेट या समृद्ध क्लाइंट्स से आपका संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो आपको अपने भवन के पूर्व मंडल को देखना होगा।
वास्तु पुरुष मंडल में ठीक पूर्व दिशा में ‘इंद्र’ (प्रशासनिक प्रमुख) और ‘महेंद्र’ (ऐश्वर्य और शक्ति के देवता) का वास होता है। ये दोनों पद समाज के शीर्ष लोगों से आपका संबंध तय करते हैं।
आम आदमी के लिए सरल समाधान
- पूर्व दिशा को दें विस्तार: इस दिशा को जितना हो सके खुला और व्यवस्थित रखें। यहाँ कोई भी गहरे पीले या काले रंग की वस्तु न रखें।
- हाथी का प्रतीक: पूर्व दिशा में पीतल का या एक सुंदर हाथी का चित्र/प्रतीक रखें (जिसकी सूंड ऊपर की ओर हो)। हाथी इंद्र देव का वाहन है और यह आपके जीवन में स्थिरता, राजकीय सम्मान और बड़े समृद्ध क्लाइंट्स को खींचने का काम करता है।

