आइए जानते हैं बुधवार, 5 अगस्त 2026 का पूर्ण पंचांग – तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त और राहुकाल सहित।
तिथि
कृष्ण पक्ष सप्तमी – रात्रि 08:42 बजे तक, तत्पश्चात कृष्ण पक्ष अष्टमी आरंभ।
नक्षत्र
अश्विनी नक्षत्र – रात्रि 09:18 बजे तक, तत्पश्चात भरणी नक्षत्र आरंभ।
योग
शूल योग – सायं 05:29 बजे तक प्रभावी रहेगा, तत्पश्चात गण्ड योग आरंभ।
करण
विष्टि (भद्रा) करण – प्रातः 09:26 बजे तक, तत्पश्चात बव करण – रात्रि 08:42 बजे तक, तत्पश्चात बालव करण आरंभ।
सूर्योदय व सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 05:45 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:09 बजे
राहुकाल एवं अन्य अशुभ काल
राहुकाल: दोपहर 12:27 – 02:07 बजे
यमगण्ड: प्रातः 07:25 – 09:06 बजे
गुलिक काल: प्रातः 10:46 – दोपहर 12:27 बजे
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:20 – 05:02 बजे
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:41 – 03:35 बजे
अमृत काल: दोपहर 02:16 – 03:50 बजे
आज अभिजित मुहूर्त नहीं है।
व्रत एवं पर्व
आज बुधवार है और श्रावण मास (चातुर्मास) चल रहा है – आज कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी है। इस दिन काल भैरव जी की पूजा और व्रत का विशेष महत्व माना जाता है।
यह पंचांग दिल्ली, एनसीआर के समय अनुसार गणना किया गया है। स्थान के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है।
Yoast SEO अनुशंसित संबंधित लिंक: 27 जुलाई 2026 आज का पंचांग | 26 जुलाई 2026 आज का पंचांग
संतान, धन, स्वास्थ्य या पारिवारिक अशांति — इनका एक कारण घर का वास्तु दोष भी होता है
उपाय अपनी जगह हैं, पर यदि भवन की ऊर्जा ही असंतुलित हो तो परिणाम टिकते नहीं। वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन 2004 से पानीपत एवं आसपास के क्षेत्र में घर, दुकान और फैक्ट्री का वास्तु परीक्षण कर रहे हैं — बिना तोड़फोड़ के व्यावहारिक समाधान।
पानीपत · समालखा · इसराना · बापौली · मतलौडा · करनाल · सोनीपत — तथा ऑनलाइन परामर्श भी। फ़ोन 90500 90511

