इस पुस्तक में उन्होंने बीमारियों को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखें थे

हार्ट अटैक -: भारत में 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे। नाम था महाऋषि वागवट जी उन्होंने एक पुस्तक लिखी, जिसका नाम है, अष्टांग हृदयम Astang hrudayam…

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एक क्लाइंट को मेरा सलाह देना उल्टा पड़ गया।

एक क्लाइंट को मेरा सलाह देना उल्टा पड़ गया। ???????????? सच्ची घटना ???? ???? क्लाइंट का प्रश्न :-  सर … मैं बहुत ज़्यादा प्रोबलम में हूँ क़र्ज़ा बहुत ज़्यादा है…

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नकारात्मक ऊर्जा अर्थात नेगेटिव एनर्जी इंसान को इंसान नहीँ रहने देती है आइए जाने की इंसान के शरीर पर कैसे प्रभाव डालती है

कुछ प्रतिशत लोगों को भी यह मालूम नहीँ हैं  चलिए आज मैं आपको नकारात्मक ऊर्जा के संदर्भ में मेरा शोध देता हूं नेगेटिव एनर्जी इंसान को इंसान नहीँ रहने देती…

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आइये जाने धोखे, बड़ी हानि से कैसे बचना

आइये जाने धोखे, बड़ी हानि से कैसे बचना इस कलयुग में झूठ, फरेब,धोखा कदम कदम पर मिल सकता है क्योंकि अधिकतर घरों और कार्यस्थलों में वास्तुदोष हैं जहा जैसी ऊर्जा…

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साइटिका रोग का आयुर्वेद से ईलाज

साइटिका का इलाज. आयुर्वेद से ईलाज लक्षण - एक पैर मे पंजे से लेकर कमर तक दर्द होना गृध्रसी या रिंगण बाय कहलाता है। प्रायः पैर के पंजे से लेकर…

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यूरिक एसिड कैसे कम करें

शरीर में यूरिक एसिड की उच्च मात्रा कई तरह की समस्याएं पैदा कर देती है जिनमें आर्थराईटिस या जोड़ों में दर्द एक गंभीर समस्या है. इनका दवाओं द्वारा सही उपचार…

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भाषा की दरिद्रता : शुभ नाम – अक्षर व ध्वनि विज्ञान

भाषा की दरिद्रता : शुभ नाम हिन्दूओं के एक बहुत बड़े वर्ग को न जाने हो क्या गया है? उत्तर भारतीय हिन्दू समाज पथभ्रष्ट एवं दिग्भ्रमित हो गया है? एक…

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साधक को ध्यान करने से पूर्व इस स्तुति का पाठ करना चाहिए

साधक को ध्यान करने से पूर्व इस स्तुति का पाठ करने से कुंडलिनी जाग्रत और उर्ध्व गमन होने में फायदा मिलता है । कुंडलिनी स्तोत्र और अनुवाद नीचे दिए गए…

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योनि पूजा क्यों और किसलिए :-

योनि पूजा क्यों और किसलिए:- अघोर के पञ्च स्तम्भ जिनमे से एक मैथुन है और जिसमे भी चार भाग लिंग योनि वीर्य और रज है। इस पुरे ब्रह्माण्ड और सृष्टी…

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विरक्ति और वैराग्य क्या है और इसमे क्या अन्तर हैं

विरक्ति और वैराग्य में बहुत बड़ा अंतर है । विरक्ति कहते हैं उस तत्व से विमुखता या उससे about turn हो जाना । लेकिन वैराग्य अलग तत्व है । वैराग्य…

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