क्यूँ होता है मानव शापित – क्या इसका प्रभाव शारीरिक रोगों पर भी पड़ता है ?
बहुत बड़े लेवल पर यदि आप पैरानॉर्मल प्रभावित कार्य करते हैं तो इससे आपके लीवर पर इनका अधिक प्रभाव आता है और लीवर की अग्नि धीरे धीरे असंतुलित हो जाती…
बहुत बड़े लेवल पर यदि आप पैरानॉर्मल प्रभावित कार्य करते हैं तो इससे आपके लीवर पर इनका अधिक प्रभाव आता है और लीवर की अग्नि धीरे धीरे असंतुलित हो जाती…
सिद्धि ,साधना और सिद्ध साधक में क्या अंतर है ? हमारा यह लेख अनेक मिथक तोड़ने वाला है ,आपके भ्रम को मिटाने वाला है ,इसे बहुत गंभीरता से देखें और…
भीष्म चुप रहे कुछ क्षण बाद बोले," पुत्र युधिष्ठिर का राज्याभिषेक करा चुके केशव ... ? उनका ध्यान रखना परिवार के बुजुर्गों से रिक्त हो चुके राजप्रासाद में उन्हें अब…
पूर्णिमा पर क्यों सुनी जाती है सत्यनारायण व्रत कथा...? आमतौर पर देखा जाता है किसी शुभ काम से पहले या मनोकामनाएं पूरी होने पर सत्यनारायण व्रत की कथा सुनने का…
योनि पूजा क्यों और किसलिए:- अघोर के पञ्च स्तम्भ जिनमे से एक मैथुन है और जिसमे भी चार भाग लिंग योनि वीर्य और रज है। इस पुरे ब्रह्माण्ड और सृष्टी…
विरक्ति और वैराग्य में बहुत बड़ा अंतर है । विरक्ति कहते हैं उस तत्व से विमुखता या उससे about turn हो जाना । लेकिन वैराग्य अलग तत्व है । वैराग्य…
जब ध्यान साधना के दौरान आपको निम्न लक्षण नज़र आने लगे।।। 1) जब आपको दिव्य दर्शन, सुगन्ध, स्वाद, श्रवण और किसी के आपको छूने की अनुभुति हो । 2) जब…
अणिमा महिमा चैव लघिमा गरिमा तथा । प्राप्तिः प्राकाम्यमीशित्वं वशित्वं चाष्ट सिद्धयः ।। अर्थ - अणिमा , महिमा, लघिमा, गरिमा तथा प्राप्ति प्राकाम्य इशित्व और वशित्व ये सिद्धियां "अष्टसिद्धि" कहलाती…
सारी दुनिया विश्व प्रपंचों के लिए ‘ऊपर’ की ओर देखती है। आकाश ही सनातन है आकाश ही सर्वोपरि है कर्मों के प्रभाव के रहस्य अकाश तत्व में ही पाए जाते…
यह होते हैं स्वस्तिक के लाभ स्वस्तिक हर दिशा से देखने पर समान दिखाई देता है इसलिये घर के वास्तु को ठीक करने के लिये यह बहुत लाभकारी माना जाता…