You are currently viewing वास्तुदोष को बिना देखे परखे ठीक करना बहुत कठिन है।

वास्तुदोष को बिना देखे परखे ठीक करना बहुत कठिन है।

वास्तुदोष को बिना देखे परखे ठीक करना बहुत कठिन है। पर कुछ सामान्य उपाय भी होते है जिन्हे करने से फर्क पड़ता है

अगर कोई रिश्ता ही नही आ रहा है तो आप के घर की उत्तर दिशा में विशेष साफ सफाई का ध्यान रखे वहा टॉयलेट, पीला रंग या स्टोर आदि न हो,

अगर रिश्ते तो बहुत आ रहे है पर बात नही बनती है या आप तय नहीं कर पा रहे है तो अपने घर के ईशान कोण को अच्छा रखे, वहा क्लेटर ना हो,टॉयलेट या भारी सामान पड़ा ना रखे और वहां लाल रंग ना हो,

अगर रिश्ता होकर बार बार टूटता है तो अपने घर के अग्नि कोण को अच्छा बनाए रखना है, वहा पानी या टॉयलेट न हो, नीला रंग न हो इसका ध्यान रखे,

अगर कोई सपोर्ट ही नही मिल पा रहा है या लोग मना कर देते है सामने वाले को तो अपने घर के वायु कोण को साफ और अच्छा रखे,वहा टॉयलेट या हरा रंग ना हो,

इन सबके साथ आप के घर की दक्षिण पश्चिम दिशा का मजबूत और सही होना सबसे ज्यादा अहम है। वहा लाल,हरा या नीला रंग ना हो,टॉयलेट ना हो,तथा ये दिशा हल्की,खुली या नीची न हो, ज्यादा जानकारी के लिए वास्तु सलाह ले वास्तु विद् सुनील कुमार आर्यन – 90500-90511

हमारे जो भी ग्रह चाहे मंगल हो या गुरु,राहु हो या केतु,शनि हो या शुक्र या हो बुध ये सभी जब भी खराब रिजल्ट देते है तब हमारे घर की उसी दिशा में हम अनजाने में वास्तुदोष क्रिएट कर लेते है,फिर बाद में उस वास्तुदोष की निगेटिव एनर्जी ही घर में तूफान लाती है।अगर घर को अच्छा रखे तो खराब ग्रहों का प्रभाव बहुत कम हो जाता है

वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन
✍️ लेखक परिचय
वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन
संस्थापक, VASTU CLASS
आवासीय एवं औद्योगिक वास्तु विशेषज्ञ, प्रशिक्षक एवं वास्तु तकनीक शोधकर्ता
लेखक का परिचय

वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन

संस्थापक — VASTU CLASS एवं श्री नवग्रह वाटिका, पानीपत। आवासीय एवं औद्योगिक वास्तु विशेषज्ञ, प्रशिक्षक एवं वास्तु तकनीक शोधकर्ता।

Leave a Reply