गृह प्रवेश मुहूर्त 2026 — शुभ तिथियां व मुहूर्त

गृह प्रवेश हिंदू परंपरा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार है, जिसमें नए बने घर में पहली बार प्रवेश करने से पहले शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र और वार का विशेष ध्यान रखा जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में गृह प्रवेश करने से घर में सुख-समृद्धि, आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, जबकि अशुभ समय में प्रवेश करने से वास्तु दोष तथा पारिवारिक कष्ट उत्पन्न हो सकते हैं।

वर्ष 2026 में गृह प्रवेश की शुभ तिथियां

नीचे दी गई तिथियां द्रिक पंचांग (Drik Panchang) के आधार पर नई दिल्ली / एनसीआर के पंचांग संदर्भ से तैयार की गई हैं। चूंकि गृह प्रवेश मुहूर्त सूर्योदय-सूर्यास्त तथा नक्षत्र-तिथि की गणना पर आधारित होता है, अतः अलग-अलग शहरों में सही मुहूर्त के लिए उस विशेष तिथि का पंचांग अवश्य जांच लें या हमसे संपर्क करें।

फरवरी 2026

6, 11, 19, 20, 21, 25, 26 फरवरी

मार्च 2026

4, 5, 6, 9, 13, 14 मार्च

अप्रैल 2026

20 अप्रैल

मई 2026

4, 8, 13 मई

जून 2026

24, 26, 27 जून

जुलाई 2026

1, 2, 6 जुलाई

अगस्त – अक्टूबर 2026

इस अवधि में चातुर्मास होने के कारण कोई गृह प्रवेश मुहूर्त उपलब्ध नहीं है। शास्त्रों के अनुसार चातुर्मास काल में मांगलिक व नए गृह-संबंधी कार्य वर्जित माने जाते हैं।

नवंबर 2026

11, 14, 20, 21, 25, 26 नवंबर

दिसंबर 2026

2, 3, 4, 11, 12, 18, 19, 30 दिसंबर

स्रोत: द्रिक पंचांग (drikpanchang.com), नई दिल्ली/एनसीआर संदर्भ। सटीक शुभ समय (घंटे-मिनट) प्रतिदिन बदलता है, इसलिए चुनी गई तिथि की पुष्टि अपने पंचांग या हमारे परामर्श से अवश्य करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त कैसे तय किया जाता है?

गृह प्रवेश मुहूर्त तय करते समय तिथि, वार, नक्षत्र, योग और चंद्रबल-तारा बल का ध्यान रखा जाता है। इसके अलावा चातुर्मास, मलमास तथा राहुकाल जैसे अशुभ समय को भी टाला जाता है।

क्या हर शहर के लिए मुहूर्त का समय एक जैसा होता है?

नहीं, मुहूर्त की तिथि सामान्यतः पूरे उत्तर भारत में लगभग एक जैसी रहती है, परंतु शुभ समय (घंटे-मिनट) सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार शहर बदलने पर थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।

अगस्त से अक्टूबर के बीच गृह प्रवेश क्यों नहीं किया जाता?

इस अवधि में चातुर्मास होता है, जिसमें भगवान विष्णु के योगनिद्रा में होने की मान्यता के कारण गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।

यदि किसी को दी गई तिथियों में से कोई तिथि उपयुक्त न लगे तो क्या करें?

ऐसी स्थिति में जातक की जन्म कुंडली, चंद्रबल व व्यक्तिगत ग्रह स्थिति के अनुसार पृथक मुहूर्त निकाला जा सकता है। इसके लिए हमसे व्यक्तिगत परामर्श लिया जा सकता है।

गृह प्रवेश के समय कौन-सी वस्तुएं घर में सबसे पहले ले जानी चाहिए?

परंपरा अनुसार सबसे पहले कलश, गाय अथवा नारियल, दूध उबालना (खीर बनाना) और घर में दीपक जलाना शुभ माना जाता है। पूजा विधि व्यक्ति के कुल-परंपरा अनुसार भिन्न हो सकती है।

वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन
✍️ लेखक परिचय
वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन
संस्थापक, VASTU CLASS
आवासीय एवं औद्योगिक वास्तु विशेषज्ञ, प्रशिक्षक एवं वास्तु तकनीक शोधकर्ता
लेखक का परिचय

वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन

संस्थापक — VASTU CLASS एवं श्री नवग्रह वाटिका, पानीपत। आवासीय एवं औद्योगिक वास्तु विशेषज्ञ, प्रशिक्षक एवं वास्तु तकनीक शोधकर्ता।

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