वास्तु शांति मुहूर्त 2026 — शुभ तिथियां

वास्तु शांति एक विशेष पूजा-अनुष्ठान है, जो नए बने घर या भवन में प्रवेश से पहले (अथवा गृह प्रवेश के साथ ही) वास्तु पुरुष को प्रसन्न करने तथा भूमि व निर्माण से जुड़े संभावित वास्तु दोषों की शांति के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य है कि घर में रहने वाले परिवार को स्वास्थ्य, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त हो, तथा निर्माण के दौरान अनजाने में हुए किसी भी वास्तु दोष का शमन हो सके।

वास्तु शांति और गृह प्रवेश में क्या अंतर है?

पारंपरिक रूप से वास्तु शांति पूजा उसी शुभ मुहूर्त में या गृह प्रवेश से एक दिन पहले संपन्न की जाती है, क्योंकि दोनों संस्कारों के लिए तिथि, नक्षत्र व वार चयन के सिद्धांत समान होते हैं। इसीलिए नीचे दी गई शुभ तिथियां — जो द्रिक पंचांग के आधार पर गृह प्रवेश हेतु निकाली गई हैं — वास्तु शांति पूजा के लिए भी उपयुक्त मानी जाती हैं।

वर्ष 2026 में वास्तु शांति की शुभ तिथियां

(नई दिल्ली / एनसीआर पंचांग संदर्भ — अन्य शहरों के लिए सटीक समय की पुष्टि पंचांग से करें)

फरवरी 2026

6, 11, 19, 20, 21, 25, 26 फरवरी

मार्च 2026

4, 5, 6, 9, 13, 14 मार्च

अप्रैल 2026

20 अप्रैल

मई 2026

4, 8, 13 मई

जून 2026

24, 26, 27 जून

जुलाई 2026

1, 2, 6 जुलाई

अगस्त – अक्टूबर 2026

चातुर्मास काल होने के कारण इस अवधि में वास्तु शांति व गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।

नवंबर 2026

11, 14, 20, 21, 25, 26 नवंबर

दिसंबर 2026

2, 3, 4, 11, 12, 18, 19, 30 दिसंबर

स्रोत: द्रिक पंचांग (drikpanchang.com), नई दिल्ली/एनसीआर संदर्भ के आधार पर गृह प्रवेश शुभ तिथियां, जिन्हें परंपरानुसार वास्तु शांति के लिए भी उपयोग किया जाता है। व्यक्तिगत कुंडली अनुसार पृथक मुहूर्त हेतु परामर्श लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

वास्तु शांति पूजा क्यों जरूरी है?

निर्माण कार्य के दौरान भूमि खोदने, दिशा-निर्धारण या सामग्री उपयोग में हुई अनजान त्रुटियों से उत्पन्न वास्तु दोष की शांति के लिए यह पूजा की जाती है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और पारिवारिक सुख बना रहे।

क्या वास्तु शांति गृह प्रवेश से अलग दिन की जा सकती है?

हां, यदि किसी कारणवश एक ही दिन दोनों संस्कार संभव न हों, तो वास्तु शांति पूजा गृह प्रवेश से एक दिन पहले किसी अन्य शुभ मुहूर्त में भी की जा सकती है।

वास्तु शांति पूजा में मुख्यतः किन देवताओं की पूजा होती है?

इस पूजा में मुख्य रूप से वास्तु पुरुष, गणेश जी, नवग्रह तथा कुल देवता का पूजन किया जाता है, साथ ही हवन व शांति पाठ भी संपन्न होता है।

पुराने घर में भी वास्तु शांति की जा सकती है क्या?

हां, यदि पुराने घर में बार-बार अशुभ घटनाएं, आर्थिक हानि या स्वास्थ्य समस्याएं आ रही हों, तो वास्तु दोष निवारण हेतु वास्तु शांति पूजा किसी भी समय शुभ मुहूर्त देखकर करवाई जा सकती है।

वास्तु शांति के लिए किन चीजों की आवश्यकता होती है?

सामान्यतः कलश, नवग्रह समिधा, हवन सामग्री, पंचामृत, नारियल, कलावा और पूजा हेतु आवश्यक अन्य सामग्री की आवश्यकता होती है, जिसकी पूरी सूची पंडित जी द्वारा पूजा से पहले बताई जाती है।

वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन
✍️ लेखक परिचय
वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन
संस्थापक, VASTU CLASS
आवासीय एवं औद्योगिक वास्तु विशेषज्ञ, प्रशिक्षक एवं वास्तु तकनीक शोधकर्ता
लेखक का परिचय

वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन

संस्थापक — VASTU CLASS एवं श्री नवग्रह वाटिका, पानीपत। आवासीय एवं औद्योगिक वास्तु विशेषज्ञ, प्रशिक्षक एवं वास्तु तकनीक शोधकर्ता।

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