राहु दोष नहीं, दिशा का संकेत है — Rahu Dosh Remedies व Vastu Shastra
भारतीय ज्योतिष में यदि किसी ग्रह का नाम सबसे अधिक भय के साथ लिया जाता है, तो वह राहु है। बहुत से लोग राहु को केवल संकट, भ्रम, दुर्घटना, मुकदमे,…
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पानीपत स्थित श्री श्री नवग्रह वाटिका के संस्थापक और जाने-माने वास्तुविद् सुनील कुमार आर्यन जल्द ही अपनी नई पुस्तक ‘संतान बाधा और वास्तु’ के साथ पाठकों के सामने आने वाले…
प्रस्तावना: जब आर्थिक चिंता जीवन की शांति छीनने लगे "जब रातों की नींद कम होने लगे, हर बजती हुई फोन की घंटी चिंता बढ़ाने लगे और सुबह उठते ही पहला…
दांत केवल भोजन चबाने का साधन नहीं हैं। भारतीय ज्योतिष में इन्हें शरीर की अस्थि-शक्ति, आयु, अनुशासन, पोषण और जीवन-ऊर्जा से भी जोड़कर देखा जाता है। बार-बार दांतों में दर्द…
पारिवारिक कलह के पीछे के ज्योतिषीय कारण - चतुर्थ व सप्तम भाव, चंद्रमा, राहु-केतु व शनि का प्रभाव - और उनके व्यावहारिक व वास्तु उपाय जानें।
T20 वर्ल्ड कप 2026 के संदर्भ में जानें खेल व प्रतिस्पर्धा से जुड़े सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांत - विजय योग, शुभ मुहूर्त व वास्तु का महत्व।
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जन्म समय की सटीकता कुंडली विश्लेषण के लिए अनिवार्य है। जानें बर्थ टाइम रेक्टिफिकेशन क्या है और यह कैसे किया जाता है।
कुंडली में द्वादश भाव विदेश यात्रा व स्थायी निवास से जुड़ा है। जानें कौन से ग्रह योग विदेश गमन के संकेत देते हैं।
कुंडली का पंचम भाव संतान सुख से जुड़ा है। जानें पंचम भाव व पंचमेश की स्थिति के ज्योतिषीय संकेत।